
१.
बूढ़ी आदत , बासा शौक
सपनों पे बारिश की छौंक
पहली मेहनत , पहली धौंक
मुर्दा बस्ती , रौशन चौक....
२.
काला लहू , अखिरी कतरा
मौत खोजता जिंदा बजरा
काले आँसू , गहरा दाग
कैसी होली ? कैसी फाग ?....
३.
बेशर्मो का मर्यादित चकला
व्यभिचारी नजरों क हमला
बेकारी - रस्मों का जुमला
लजाई साँझ , रात की अबला...
४.
मीठी अंगीठी , कड़ुआ पानी
मेरी कहानी ,तेरी जबानी
भूखे बादल , खारे नैना
चढ़ती रैना , लुटते चैना...
५.
बूढ़ा चूल्हा , धुँआ खांसता
कालिख पुती चाँदनी बाँछ्ता
रात खटोला खूब काँखता
सन्नाटे का जिस्म काँपता...
६.
पिघली धड़कन , बुझती आह
अतह सिमटती ,जलती छाँह
दुःस्वप्नों में उलझी राह
खुदको ठगती , लोभन चाह....
७.
घाट , कुँआ , अमिया, पगडंडी.
ताजा गुड़ ,गन्ने की मंडी
इठलाते बरगद की ठंडी
बंधी अकेली- भगवा झंडी....
....निखिल-प्रबल
१८-०८-०७